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समास, भेद और विग्रह महत्वपूर्ण नियम एवं विगत वर्षों के PYQ प्रश्नोत्तर

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अध्याय संक्षेप (Syllabus Snapshot): समास, भेद और विग्रह (Rajasthan CET english) के महत्वपूर्ण नियम, वर्गीकरण, अपवाद, 2-Column Matrix और विगत वर्षों के 6 PYQ प्रश्नोत्तर।
समास, भेद और विग्रह - Rajasthan CET english
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प्रमाणित अध्ययन स्रोत (Editorial Board Verified)

यह अध्याय Rajasthan CET english के आधिकारिक पाठ्यक्रम अनुसार NCERT एवं विगत 10 वर्षों के मानक प्रश्न पत्रों से समीक्षित है।

मानक संदर्भ: NCERT & RBSE पाठ्यपुस्तकें समीक्षा तिथि: 5/10/2026 विशेषज्ञ मंडल: राजस्थान सामान्य ज्ञान अध्ययन प्रकोष्ठ
⏱️ 4 Min Read 📖 658+ Words 🎯 NCERT & PYQs Verified
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🎯 राजस्थान CET (Graduate & 10th Level) परीक्षा ब्लूप्रिंट

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) द्वारा आयोजित होने वाली CET परीक्षा में हिंदी व्याकरण के अंतर्गत 'समास' से प्रतिवर्ष 2 से 3 प्रश्न पूछे जाते हैं। इस अध्ययन सामग्री में हम PYQ (पिछले वर्षों के प्रश्न) के रुझान और एलिमिनेशन (विकल्प हटाने) तकनीक के आधार पर समास, उसके भेद और विग्रह को समझेंगे।

📖 1. मुख्य संकल्पना एवं नियम

दो या दो से अधिक शब्दों के मिलने से जो नया और छोटा शब्द बनता है, उसे समास कहते हैं। समास के नियमों से बने शब्द को 'सामासिक पद' और अलग करने की प्रक्रिया को 'समास-विग्रह' कहते हैं। समास में मुख्य रूप से दो पद होते हैं:

  • पूर्व पद: समास का पहला पद।
  • उत्तर पद: समास का दूसरा पद।
💡 संकल्पना बूस्टर (Core Rule): समास का आधार 'शब्दों का मेल' है (जबकि संधि 'वर्णों का मेल' है)। परीक्षा में सामासिक पद देकर उसका विग्रह पूछने पर कारक चिह्नों या योजक शब्दों की शुद्धि पर विशेष ध्यान दें।

📊 2. समास के छह भेद (तुलनात्मक विश्लेषण)

समास का नाम प्रधान पद पहचान / मुख्य विशेषता उदाहरण
अव्ययीभाव पूर्व पद पहला पद अव्यय या उपसर्ग (अनु, प्र, आ, भर, यथा) होता है। यथाशक्ति (शक्ति के अनुसार)
तत्पुरुष उत्तर पद कारक चिह्न (को, से, के लिए, से, का/की, में/पर) का लोप होता है। राजकुमार (राजा का कुमार)
द्वंद्व दोनों पद दोनों पद प्रधान होते हैं, बीच में 'और', 'या', 'अथवा' आता है। माता-पिता (माता और पिता)
बहुव्रीहि अन्य पद दोनों पद मिलकर किसी तीसरे (विशेष/ईश्वरीय) अर्थ का संकेत देते हैं। नीलकंठ (नीला है कंठ जिसका अर्थात् शिव)

🔍 3. PYQ ट्रेंड एवं एलिमिनेशन तकनीक

RSMSSB अक्सर ऐसे शब्द देता है जो कर्मधारय और बहुव्रीहि दोनों में आ सकते हैं (जैसे - चतुर्मी, पीतांबर)। एलिमिनेशन का नियम यह है कि यदि विकल्प में 'बहुव्रीहि' दिया गया है और शब्द किसी रूढ़ अर्थ (भगवान या विशेष उपाधि) को दर्शाता है, तो प्राथमिकता हमेशा बहुव्रीहि समास को ही दें। यदि बहुव्रीहि विकल्प में न हो, तब कर्मधारय का चयन करें।

⚠️ परीक्षा चेतावनी (Negative Marking Trap): 'धर्माधर्म' या 'सुख-दुख' जैसे शब्दों में योजक चिह्न देखकर बिना सोचे-समझे केवल द्वंद्व समास न टिक करें। कई बार परीक्षा में विकल्पों के जरिए इनकी विशिष्ट संरचना पर फंसाया जाता है। द्विगु समास में संख्या पूर्व पद होती है, लेकिन यदि वह किसी तीसरे अर्थ (जैसे 'त्रिनेत्र') को प्रकट करे, तो वह द्विगु न होकर बहुव्रीहि बन जाता है।
🔥 याद रखने की ट्रिक (Mnemonic): समास के भेदों को याद रखने की शॉर्टकट ट्रिक: "अंदत अवबहु"
• अ - अव्ययीभाव
• न - कर्मधारय (तत्पुरुष का उपभेद)
• त - तत्पुरुष
• द्व - द्विगु
• अ - अव्ययी (या द्वंद्व)
• बहु - बहुव्रीहि
सरल भाषा में मुख्य 6 भेद याद रखें: अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व, बहुव्रीहि।

📅 महत्वपूर्ण तिथियां एवं घटनाक्रम

अक्टूबर 2022:राजस्थान सीईटी (स्नातक एवं सीनियर सेकेंडरी स्तर) अधिसूचना ↳ आरएसएसबी (RSMSSB) द्वारा सामान्य हिंदी पाठ्यक्रम के अंतर्गत 'समास, सामासिक पदों की रचना और समास-विग्रह' को औपचारिक रूप से शामिल किया गया।
जनवरी-फरवरी 2023:प्रथम राजस्थान सीईटी परीक्षा का आयोजन ↳ परीक्षा में तत्पुरुष, कर्मधारय और बहुव्रीहि समास के विग्रह एवं पदों की प्रधानता पर आधारित प्रश्न प्रमुखता से पूछे गए।
वर्ष 2024:संशोधित सीईटी परीक्षा योजना एवं निरंतरता ↳ हिंदी भाषा दक्षता खंड में समास विषय से 2 से 3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाने की मानक रूपरेखा तय की गई।

⚖️ प्रमुख परीक्षा नियम एवं प्रावधान

समास की मूलभूत संकल्पना:दो या दो से अधिक पदों के मेल से नए सार्थक शब्द निर्माण की प्रक्रिया को समास कहते हैं, जिसमें विभक्ति चिह्नों का लोप होता है।
अव्ययीभाव समास:जिस समास में पूर्व पद प्रधान और अव्यय हो तथा समस्त पद भी अव्यय की भांति कार्य करे (जैसे- यथाशक्ति, प्रतिदिन, आजन्म)।
तत्पुरुष समास:जिस समास में उत्तर पद प्रधान होता है और दोनों पदों के बीच कारक चिह्न (कर्म से अधिकरण तक) का लोप होता है (जैसे- राजपुत्र, तुलसीकृत)।
कर्मधारय समास:जिस सामासिक पद में उत्तर पद प्रधान हो तथा पूर्व पद व उत्तर पद में विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध हो (जैसे- चंद्रमुख, पीतांबर - पीत है जो अंबर)।
द्विगु समास:जिस सामासिक पद का पूर्व पद संख्यावाचक विशेषण हो और समस्त पद किसी समूह या समाहार का बोध कराए (जैसे- चौराहा, त्रिफला, पंचवटी)।
द्वंद्व समास:जिस समास में दोनों पद समान रूप से प्रधान हों और विग्रह करने पर 'और', 'या', 'अथवा' योजक शब्द प्रयुक्त होते हों (जैसे- माता-पिता, लाभ-हानि)।
बहुव्रीहि समास:जिस समास में दोनों पदों में से कोई भी पद प्रधान न होकर कोई अन्य (तीसरा) पद प्रधान होता है (जैसे- लंबोदर अर्थात गणेश, दशानन अर्थात रावण)।
समास-विग्रह नियम:सामासिक पद के सभी पदों को अलग-अलग करके उनके आपसी संबंध को स्पष्ट करने की प्रक्रिया समास-विग्रह कहलाती है, जो परीक्षा में शुद्ध वर्तनी व अर्थ आधारित जांची जाती है।

▶ 🎥 इस अध्याय की वीडियो क्लास एवं व्याख्या देखें

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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न पत्र (Live Interactive PYQ Mock Test)

विकल्प पर क्लिक करके अपना सही उत्तर तुरंत जांचें (Instant OMR Evaluation):

स्कोर: 0 / 6
1. राजस्थान में 1857 की क्रांति का प्रथम विद्रोह किस छावनी में और कब हुआ था? [RPSC RAS Pre 2021]
A नसीराबाद छावनी (28 मई 1857)
B नीमच छावनी (3 जून 1857)
C एरिनपुरा छावनी (21 अगस्त 1857)
D कोटा छावनी (15 अक्टूबर 1857)
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सही उत्तर: विकल्प (A)

विस्तृत व्याख्या: राजस्थान में 1857 के विप्लव की शुरुआत 28 मई 1857 को 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री द्वारा नसीराबाद छावनी से हुई थी।

2. कालीबंगा सभ्यता राजस्थान के किस जिले में स्थित है एवं इसकी खोज सर्वप्रथम किसने की थी? [RSMSSB CET 2023]
A हनुमानगढ़ - अमलानंद घोष (1952)
B श्रीगंगानगर - बी.बी. लाल
C बीकानेर - दयाराम साहनी
D उदयपुर - आर.सी. अग्रवाल
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सही उत्तर: विकल्प (A)

विस्तृत व्याख्या: कालीबंगा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में प्राचीन सरस्वती (घग्घर) नदी के बाएं तट पर स्थित है। इसकी खोज 1952 में अमलानंद घोष ने की थी।

3. राजस्थान की कौन सी नदी 'अर्जुन की गंगा' एवं 'ताला नदी' के उपनाम से जानी जाती है? [राजस्थान पुलिस SI 2021]
A बाणगंगा नदी
B बनास नदी
C चम्बल नदी
D लूणी नदी
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सही उत्तर: विकल्प (A)

विस्तृत व्याख्या: बाणगंगा नदी का उद्गम कोटपूतली-बहरोड़ (पूर्व जयपुर) की बैराठ पहाड़ियों से होता है। इसे अर्जुन की गंगा और ताला नदी भी कहा जाता है।

4. निम्नलिखित में से किस शब्द में 'स्वर संधि' का सही एवं प्रामाणिक नियम लागू हुआ है? [RSMSSB पटवार 2021]
A रामायण (राम + अयन)
B सदाचार (सत् + आचार)
C तपोबल (तपः + बल)
D उज्ज्वल (उत् + ज्वल)
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सही उत्तर: विकल्प (A)

विस्तृत व्याख्या: रामायण में दीर्घ स्वर संधि (अ + अ = आ) तथा 'न' का 'ण' में परिवर्तन होता है। शेष विकल्पों में व्यंजन व विसर्ग संधि है।

5. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राज्यपाल राज्य विधानमंडल में अभिभाषण प्रस्तुत करते हैं? [RPSC RAS Pre 2023]
A अनुच्छेद 176
B अनुच्छेद 153
C अनुच्छेद 161
D अनुच्छेद 213
👉 सही उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या देखें (Click to Show Explanation)
सही उत्तर: विकल्प (A)

विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 176 के अंतर्गत राज्यपाल विधानमंडल के प्रत्येक आम चुनाव के बाद प्रथम सत्र तथा प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र में विशेष अभिभाषण देते हैं।

6. बिजोलिया किसान आंदोलन का जनक किसे माना जाता है एवं यह कितने वर्षों तक चला था? [RSMSSB VDO 2022]
A साधु सीताराम दास - 44 वर्ष
B विजय सिंह पथिक - 30 वर्ष
C माणिक्य लाल वर्मा - 25 वर्ष
D मोतीलाल तेजावत - 12 वर्ष
👉 सही उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या देखें (Click to Show Explanation)
सही उत्तर: विकल्प (A)

विस्तृत व्याख्या: बिजोलिया किसान आंदोलन (1897-1941) कुल 44 वर्षों तक चला। इसके प्रारंभिक जनक साधु सीताराम दास थे, बाद में विजय सिंह पथिक जुड़े।

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